जब भी रेल यात्रा की बात होती है तो हमारा ख्याल तीन तरह की श्रेणी में आता है , अगर आपकी यात्रा बहूत कम समय के लिए हो और आप वास्तविक भारतीय रेल का आनंद लेना चाहते हो तो कृपया साधारण श्रेणी में जाएँ ,वैसे ये बहुत ही हिंम्मत की बात है लेकिन जो अनुभव् आपको मिलेगा वो अद्भुत होगी
अगर आपकी यात्रा 24 घंटे से ज्यादा का है तो इक बार शयनयान स्लीपर का आनंद जरूर लें
सारी दूरियां और दायरे मिट जाते हैं कुछ ही घंटों में , जैसे जैसे हम क्लास बढ़ाते हैं हमारी दूरियां यूँ ही बढ़ती जाती है या यूँ कहिये की हम सिमटते जाते हैं अपनी दुनियां में, साधारण में घंटे दो घंटे में जान पहचान ,स्लीपर में 4 से 6 घंटे वहीँ 3ऎसी में शायद दिन र लगता है , 2 ऎसी ओर एयरलाइन में तो मैंने आज तक किसी को सहयात्री से बात करते भी नही देखी
अपनी अपनी स्मार्टफ़ोन और laptop में सिमटे लोग .
वर्चुअल दुनियां में हजारों से जुडो लेकिन जो वक़्त पे काम दे वो कोई नहीं
मैंने 6 साल बाद स्लीपर् की यात्रा की ,शुरुआत में थोडा सा अटपटा लगा लेकिन लोगो की बातें और अपनापन
सही लगा
बस भारतीय रेल कुछ सुविधायें अगर साधारण जनता को भी तो हमारा कर अदा करना सार्थक हो जाये
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